खुद को जानो, दूसरों को समझो - 4 बेस्टसेलर Hindi Books | Body Language | Mindset | Success
खुद को जानो, दूसरों को समझो - 4 बेस्टसेलर Hindi Books | Body Language | Mindset | Success
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खुद को समझने की कला — मानसिकता, संवाद और सफलता का संपूर्ण मार्गदर्शक सेट।
इस सेट में शामिल किताबें:
1) हाउ टु नो अ पर्सन — डेविड ब्रुक्स
2) विदाउट सेइंग अ वर्ड — कासिया वेज़ोव्स्की, पैट्रिक वेज़ोव्स्की
3) सक्सेस प्रिन्सिपल्स युवाओं के लिए — जैक केनफिल्ड, केंट हेली
4) ट्रांसफ़ॉर्म योर सेल्फ टाक — निक ट्रेंटन
1) हाउ टु नो अ पर्सन — दूसरों को गहराई से जानने और दूसरों द्वारा हमें गहराई से पहचानने की कला | लेखक: डेविड ब्रुक्स
घर, कार्यालय और समाज में बनने वाले रिश्तों को जीवनभर के लिए कैसे मज़बूत करें।
• दूसरों को महत्व देने की शक्ति
• दूसरों को समझते समय किन बातों से बचना चाहिए?
• कठिन परिस्थितियों में संवाद कैसे करें?
• आप अपने साथ कैसी ऊर्जा लेकर आते हैं?
2) विदाउट सेइंग अ वर्ड — सिर्फ इंसान को नहीं उसकी बॉडी लैंग्वेज़ पढ़ो! | लेखक: कासिया वेज़ोव्स्की, पैट्रिक वेज़ोव्स्की
बॉडी लैंग्वेज़ से पता चलता है कि व्यक्ति वास्तव में क्या महसूस कर रहा है।
• बॉडी लैंग्वेज़ इंटेलिजेंस के पांच सिद्धांत
• सकारात्मक और नकारात्मक बॉडी लैंग्वेज़
• शरीर की छोटी से छोटी गतिविधि का गहन अर्थ
3) सक्सेस प्रिन्सिपल्स युवाओं के लिए — हम जहां हैं वहां से वहां तक पहुंचना जहां हम जाना चाहते हैं | लेखक: जैक केनफिल्ड, केंट हेली
आपके जीवन का लक्ष्य जो भी हो — एक अच्छा छात्र बनना, नया व्यवसाय शुरू करना — यह पुस्तक सही दिशा और मार्गदर्शन देती है। सफलता की 23 रणनीतियां शामिल हैं, जिनका उपयोग हजारों युवाओं द्वारा किया गया है।
4) ट्रांसफ़ॉर्म योर सेल्फ टाक — आत्मसंवाद का परिवर्तन — आत्मविश्वास, आस्था और शांति के लिए खुद से बातचीत की कला | लेखक: निक ट्रेंटन
हमारा व्यवहार हमारे विचारों से आता है और विचार हमारी विश्वासों से। हमारा आत्म-संवाद इस पूरे क्रम को बदल सकता है।
• आत्मसंवाद का विज्ञान
• अपने भीतर के आलोचक से मिलिए
• आत्मजागृती की कुंजी
• नकारात्मक आत्मसंवाद को कैसे बदलें
यह Book मानवीय रिश्तों, समझ, संवाद और आत्म-विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। इस किताब में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सही संवाद करने की कला हमारे जीवन—चाहे वह घर हो, कार्यस्थल या समाज—में कितनी अहम भूमिका निभाता है। पुस्तक न केवल यह सिखाती है, कि किन परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, बल्कि यह भी समझाती है, कि निराशा से बाहर निकलकर सकारात्मक ऊर्जा कैसे प्राप्त की जा सकती है। कुल मिलाकर, यह एक प्रेरणादायक और व्यावहारिक मार्गदर्शिका समझाती है, जो पाठकों को अपने व्यवहार, सोच और रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी दिशा देती है।.........
डेविड ब्रुक्स की किताब "हाउ टू नो अ पर्सन" (How to Know a Person) वास्तव में आज के दौर की एक अनिवार्य जरूरत है। इसे पढ़ते हुए मुझे यह अहसास हुआ कि हम अक्सर लोगों के साथ रहते तो हैं, लेकिन उन्हें गहराई से समझने में चूक जाते हैं। यह किताब केवल बातचीत के बारे में नहीं, बल्कि दूसरे इंसान को "महसूस" करने और उसे यह यकीन दिलाने के बारे में है कि उसे देखा और समझा जा रहा है।लेखक ने इस बात पर जोर दिया है कि किसी को गहराई से जानना एक कला है जिसे सीखा जा सकता है। मुझे ब्रुक्स का यह नजरिया बहुत पसंद आया कि एक अच्छा श्रोता होना केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि सही सवाल पूछना और सामने वाले की भावनाओं में उतरना है। किताब में दिए गए उदाहरण हमारे रोजमर्रा के रिश्तों को देखने का एक नया नजरिया देते हैं।इस पुस्तक की सबसे बड़ी खूबी इसकी सरलता है। सौमित्र रॉय द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद काफी सहज है, जिससे लेखक के जटिल मनोवैज्ञानिक विचार भी आसानी से समझ आ जाते हैं। पढ़ते समय मुझे लगा कि यह किताब हमें "इल्यूमिनेटर" (दूसरों के व्यक्तित्व को चमकाने वाला) बनने के लिए प्रेरित करती है, न कि "डिमिनेटर" (दूसरों को छोटा समझने वाला)।अंत में, मैं यही कहूँगा कि अगर आप अपने रिश्तों में जुड़ाव की कमी महसूस करते हैं या लोगों को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं, तो यह किताब आपको निराश नहीं करेगी। यह आपको अधिक सहानुभूतिपूर्ण और जागरूक इंसान बनने में मदद करती है। मेरे लिए यह एक ऐसा अनुभव रहा जिसने मुझे अपनों से बात करने के पुराने तरीकों पर दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया।
दूसरों को गहराई से जानने और समझने की प्रक्रिया है डेविड ब्रुक्स की यह किताब "हाउ टू नो ए पर्सन"...आज हम अपने जीवन और व्यक्तिगत व्यस्तताओं में इतना खो गए हैं कि अपने आसपास लोगों को नजरअंदाज करना सीख गए हैं।जबकि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से क्या चाहता है? कि वो उसे गहराई से समझे, बिना तुलना किए उसके विचारों को सुने, जीवन के प्रति उसके नजरिये को देखें और उसे महसूस कराये कि वह आपके लिए क्या महत्व रखता हैं।किसी व्यक्ति को समझने के लिए उनकी बातों में दिलचस्पी ले, उनसे सवाल करें,न की अपने बारे में वार्तालाप करने लगे। क्योंकि जैसा हम देखते हैं जरूरी नहीं दूसरों के लिए भी वह परिस्थिति वैसी हो।लेखक बताते हैं कि हम जिस समाज में रह रहे हैं वहां सामुदायिक मित्रता भरोसा और अपनत्व से हम कोसो दूर है और लोगों के स्वभाव में कटुता आ गई है।समाज एक सफल नागरिक का निर्माण तो कर रहा है परंतु नैतिक कौशल नहीं सीखा पा रहा जिससे दूसरों के प्रति असंवेदनशीलता व क्रुरता की भावना प्रबल हो रही है।लेखक कहते हैं कि एक उदासीन और निराश व्यक्ति के प्रति अगर हम सहानुभूति दर्शाते हैं और उसे भरोसा दिलाए कि आप उसके साथ है तो काफी हद तक वह अपने दुखों से उभर जाता है।यह किताब हमें गहराई में झांकने के लिए प्रेरित करती है ताकि हम अपने भीतर छिपी समस्याओं व उलझनों को समझ सके। साथी हम दूसरों को सम्मान पूर्वक देखें, उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुनें, उनके अनुभवों को महसूस करें, और यह समझे कि हर व्यक्ति विकासशील है। इससे अच्छा उपहार उस व्यक्ति के लिए कुछ नहीं हो सकता।@kitabi_safar16
How to Know a Person केवल एक सेल्फ-हेल्प किताब नहीं, बल्कि लोगों को समझने की एक संवेदनशील यात्रा है। यह हमें सिखाती है कि सच्चे रिश्ते तब बनते हैं जब हम किसी को सच में सुनते और महसूस करते हैं। लेखक बेहद सरल तरीके से बताते हैं कि हर इंसान के भीतर एक अनकही कहानी होती है। यदि आप अपने रिश्तों को गहरा बनाना चाहते हैं और लोगों को बेहतर समझना चाहते हैं, तो यह किताब निश्चित रूप से पढ़ने लायक है।
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