मैं नुजूद, उम्र 10 साल और तलाकशुदा + एक रोटी तीन चूल्हे | Set of 2 Hindi Novels
मैं नुजूद, उम्र 10 साल और तलाकशुदा + एक रोटी तीन चूल्हे | Set of 2 Hindi Novels
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पुस्तक सेट का परिचय
यह सेट दो शक्तिशाली हिंदी उपन्यासों का संग्रह है — एक सच्ची कहानी जो दिल को झकझोर देती है, और एक ग्रामीण यथार्थ की अविस्मरणीय गाथा।
📖 मैं नुजूद, उम्र 10 साल और तलाकशुदा
नुजूद अली की सच्ची कहानी
2008 में जब नुजूद अली के पिता ने उसकी शादी उससे तीन गुना अधिक उम्र के पुरुष से कर दी, तब अचानक उसके बचपन ने दम तोड़ दिया। यह किताब उस साहसी लड़की की कहानी है जिसने अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाई और अपनी आज़ादी वापस पाई।
- ✅ सच्ची घटना पर आधारित
- ✅ यमन की पहली बाल-विवाह तलाक केस
- ✅ मध्य पूर्व की लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा
📖 एक रोटी तीन चूल्हे
देवा झिंजाड का बहुचर्चित उपन्यास
ग्रामीण परिवेश की यथार्थपरक रचना जो तीन पीढ़ियों की कहानी को सरल और सादी भाषा में प्रस्तुत करती है। मराठी में 31 संस्करणों में प्रकाशित यह उपन्यास अब हिंदी पाठकों के लिए उपलब्ध है।
- ✅ मराठी में 31 संस्करण — अब हिंदी में
- ✅ तीन पीढ़ियों की मार्मिक गाथा
- ✅ 'अमर उजाला भाषाबंधु' पुरस्कार प्राप्त अनुवादक द्वारा अनूदित
इस सेट की विशेषताएं
- 📚 2 उपन्यास एक साथ
- 🏆 दोनों पुस्तकें पाठकों में अत्यंत लोकप्रिय
- 🚚 सुरक्षित पैकेजिंग में डिलीवरी
- भारत भर में शिपिंग उपलब्ध
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